रायपुर। छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल मेकाहारा में सफाई सेवाएं देने वाली निजी कंपनी “कॉल मी सर्विस” एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने कंपनी और उसके संचालन को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें महिला कर्मचारियों के साथ शोषण, फर्जी उपस्थिति, अवैध वसूली, और शराब सेवन जैसी गतिविधियाँ शामिल हैं।
क्या हैं आरोप?
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने एक औपचारिक पत्र जारी कर राज्य सरकार से शिकायत की है कि:
मेकाहारा अस्पताल का गार्ड रूम अब शराब पीने का अड्डा बन गया है।
कंपनी के बाउंसरों द्वारा पत्रकारों से मारपीट और कर्मचारियों से दुर्व्यवहार की घटनाएं हो चुकी हैं।
महिला कर्मचारियों से मानसिक, आर्थिक और शारीरिक शोषण किया जा रहा है।
कर्मचारियों की फर्जी उपस्थिति दिखाकर सरकार को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है।
नौकरी देने के नाम पर ₹40,000 तक की अवैध वसूली और ड्रेस के नाम पर भी पैसे वसूले गए।
कंपनी के सुपरवाइजर पर अश्लील वीडियो बनाने और दुर्व्यवहार के आरोप हैं, फिर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
अन्य संस्थानों में भी वसूली के आरोप
यह गतिविधियां केवल मेकाहारा तक सीमित नहीं हैं। रायपुर एम्स, जिला अस्पताल पंडरी, दाऊद कल्याण हॉस्पिटल सहित कई संस्थानों में भी इसी कंपनी के खिलाफ शिकायतें दर्ज हुई हैं।
संघ की मांगें
स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि:
“कॉल मी सर्विस” को ब्लैकलिस्ट किया जाए।
सभी सरकारी संस्थानों से इसके ठेके तत्काल समाप्त किए जाएं।
इन स्थानों की जिम्मेदारी महिला स्व-सहायता समूहों को सौंपी जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
संघ के सलाहकार ओपी शर्मा ने कहा, “बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन की चुप्पी दर्शाती है कि सेटिंगबाज़ी और मिलीभगत गहरी है। अब वक्त है कि इस पर कठोर कार्रवाई हो।”
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- मेकाहारा अस्पताल विवाद: “कॉल मी सर्विस” कंपनी पर शोषण, भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी के गंभीर आरोप















