मनीष तिवारी
मुंगेली, 31 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ राज्य के 25वें स्थापना दिवस और एकादशी के पावन अवसर पर ग्राम पंचायत सकेत में छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य प्रतियोगिता का आयोजन 3 नवम्बर (सोमवार) को किया जा रहा है। यह आयोजन ग्राम पंचायत सकेत एवं समस्त ग्रामवासियों के सहयोग से किया जा रहा है। प्रतियोगिता सुबह 10 बजे से स्याम गौठान के पास प्रारंभ होगी।
विविध नृत्य विधाओं में होगा मुकाबला
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक नृत्य शैलियाँ जैसे सुवा नृत्य, राऊत नाचा, कर्मा नृत्य, पंथी नृत्य और डंडा नृत्य की प्रतियोगिताएँ रखी गई हैं। प्रत्येक दल में न्यूनतम 8 और अधिकतम 15 सदस्य अनिवार्य होंगे। प्रस्तुति की समय सीमा 1 से 10 मिनट तय की गई है।
आकर्षक पुरस्कार
प्रतियोगिता में विजेताओं के लिए आकर्षक नगद पुरस्कार और शिल्ड रखे गए हैं—
- प्रथम पुरस्कार ₹5001 (प्रायोजक: पूजा अनिश मनु)
- द्वितीय पुरस्कार ₹3001 (प्रायोजक: अनिला देवेंद्र राजपूत)
- तृतीय पुरस्कार ₹2501 (प्रायोजक: डॉ. एस.एस. वर्मा)
- चतुर्थ पुरस्कार ₹2001 (प्रायोजक: इंदरमती अनिल मरावी)
- पंचम पुरस्कार ₹1501 (प्रायोजक: चित्रसेल वर्मा)
- षष्ठम् पुरस्कार ₹1001 – प्रायोजक: श्री अशोक जायसवाल
साथ ही, छठवें से दसवें स्थान तक के विजेताओं को श्री मोहिंदर सिंह वर्मा की स्मृति में शिल्ड से सम्मानित किया जाएगा।
विशिष्ट अतिथि गण
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में धरमलाल कौशिक, अनिला देवेंद्र राजपूत, चितरेखा मनीष जांगड़े, दीपिका चंद्रशेखर कौशिक, इंदरमती अनिल मरावी, कैलाश सिंह ठाकुर, पोषण यादव, संतोष डहरिया, पूजा अनिश मनु, फुलेश्वरी बसंत यादव, एम.आर. नेताम, गोरेलाल यादव, चित्रसेल वर्मा, डॉ. एस.एस. वर्मा, अशोक जायसवाल, मो. मोहिंदर सिंह वर्मा सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल होंगे।
निर्णय प्रक्रिया और नियम
निर्णायक मंडल द्वारा कुल 50 अंकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा—
- पारंपरिक वेशभूषा: 10 अंक
- लोकगीत व वाद्ययंत्रों का प्रयोग: 10 अंक
- तय ताल: 10 अंक
- दर्शकों पर प्रभाव: 10 अंक
- मंच अनुशासन और उपयोग: 10 अंक
कोई भी अश्लील शब्द या प्रदर्शन सख्त वर्जित रहेगा। स्वच्छता और अनुशासन का पालन अनिवार्य होगा।
पंजीयन की अंतिम तिथि 2 नवम्बर शाम 5 बजे तक रखी गई है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में ग्राम के व्यापारी, सामाजिक संगठन एवं स्थानीय नागरिकों का सक्रिय सहयोग मिल रहा है। आयोजन स्थल पर निखिल प्रिंटर्स, राउत नाचा दल, स्थानीय किराना व्यापारी और सांस्कृतिक प्रेमी लगातार तैयारियों में जुटे हैं।
“नाचें सकल सकेत, गूँजे छत्तीसगढ़ के गीत”
इसी नारे के साथ पूरा गांव छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोककला के रंग में रंगने को तैयार है।
पंजीयन हेतु सम्पर्क :- 8770362348















