छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित सिरगिट्टी औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार दोपहर उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक फर्नीचर कारखाने में अचानक भीषण आग लग गई। इस दर्दनाक हादसे में दो श्रमिकों की मौके पर ही जलकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गया है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है।



जानकारी के अनुसार,
सिरगिट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्र सेक्टर-डी में स्थित मित्तल फर्नीचर कारखाने में दोपहर के समय अचानक आग भड़क उठी। आग लगते ही कारखाने में काम कर रहे मजदूरों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और चारों ओर काले धुएं का घना गुबार फैल गया, जो शहर के कई हिस्सों से दिखाई देने लगा।
गोदाम में रखा सारा सामान जलकर खाक
भीषण आग की चपेट में आकर फैक्ट्री के गोदाम में रखा तैयार फर्नीचर, लकड़ी, प्लाई, मशीनें और मजदूरों की मोटरसाइकिलें पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। आग इतनी तेज थी कि फैक्ट्री के अंदर फंसे श्रमिक बाहर निकलने का मौका नहीं पा सके, जिससे दो मजदूरों की दर्दनाक मौत हो गई।
एक श्रमिक गंभीर रूप से झुलसा
हादसे में कारखाने में कार्यरत सेल्सकर्मी रितेश शुक्ला, निवासी सिरगिट्टी, गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तत्काल ऑटो के जरिए अस्पताल पहुंचाया, जहां उसे बर्न केयर यूनिट में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
दमकल और पुलिस मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही सिरगिट्टी पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कई दमकल वाहनों की मदद से घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद देर रात आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझाने के दौरान आसपास के इलाके को एहतियातन खाली कराया गया।
ऑयल लीकेज से आग लगने की आशंका
प्राथमिक जांच में आग लगने का कारण मशीनों से ऑयल लीकेज बताया जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आग के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जांच के आदेश
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और मृत श्रमिकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। वहीं, फैक्ट्री में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि यदि लापरवाही पाई गई तो जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे के बाद औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और फायर सेफ्टी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।















