नारियल भारतीय संस्कृति में अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है. विशेषकर एकाक्षी नारियल (Ekakshi Nariyal), जिसे केवल एक ही नेत्र या बिंदु वाला नारियल कहा जाता है, अत्यंत दुर्लभ और चमत्कारी फल माना जाता है. मान्यता है कि जहां एकाक्षी नारियल की पूजा होती है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है और जीवन में सुख, शांति व समृद्धि का वर्धन होता है. यह नारियल विशेष पूजा-पाठ, तंत्र साधना और वास्तु दोष निवारण में भी अत्यंत उपयोगी होता है. (Ekakshi Nariyal)प्रसव पीड़ा में राहत: गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय यदि एकअक्षीय नारियल की हल्की सुगंध दी जाए तो उनकी प्रसव पीड़ा में कमी आती है. यह नारियल सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है, जिससे तनाव कम होता है और प्रसव प्रक्रिया सुगम बनती है.
संतान प्राप्ति में सहायता: संतान सुख की कामना रखने वाले दंपत्ति के लिए भी यह अत्यंत लाभकारी माना गया है. विशेष रूप से महिलाओं को मासिक धर्म समाप्त होने के बाद लगातार तीन दिन तक हरे नारियल का पानी पीने की सलाह दी जाती है. इससे गर्भधारण की संभावना बढ़ती है और शारीरिक ऊर्जा में भी वृद्धि होती है.
व्यापार में वृद्धि: व्यापारी वर्ग के लिए भी एकाक्षी नारियल को अत्यंत शुभ माना जाता है. इसे दुकान, ऑफिस या फैक्ट्री के मुख्य स्थान पर लाल कपड़े में लपेट कर स्थापित करने से व्यापार में निरंतर वृद्धि होती है. ऐसा माना जाता है कि यह नकारात्मक ऊर्जा को हटाकर धन-संपत्ति में बढ़ोतरी करता है और नए अवसर प्रदान करता है.















