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बस किराया डीजल दरों से जोड़ने की मांग तेज : प्रमोद दुबे ने सरकार से ऑटोमैटिक सिस्टम लागू करने की अपील की

रायपुर, 02 जून 2026

राजधानी बस एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एवं यातायात महासंघ के पूर्व संरक्षक तथा पूर्व महापौर प्रमोद दुबे ने परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर बस ऑपरेटरों की ओर से एक महत्वपूर्ण मांग रखी है। उन्होंने कहा है कि वर्तमान समय में पेट्रोलियम कंपनियों द्वारा हर 2–3 दिन में डीजल के दामों में बदलाव किया जा रहा है, जिससे बस संचालन व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।

प्रमोद दुबे ने कहा कि पूर्व में डीजल की दरों में 3 से 4 वर्ष में एक बार वृद्धि होती थी, जिसके आधार पर शासन को प्रस्ताव भेजकर निर्णय लिया जाता था। लेकिन अब लगातार मूल्य परिवर्तन के कारण यह प्रक्रिया जटिल और अस्थिर हो गई है।

उन्होंने सुझाव दिया है कि एक ऐसी स्थायी नीति बनाई जाए जिसके तहत डीजल के दाम में जितने प्रतिशत की वृद्धि हो, उतने ही प्रतिशत यात्री किराए में स्वतः वृद्धि हो जाए। इसी प्रकार यदि डीजल के दाम घटते हैं तो यात्री किराए में भी उसी अनुपात में कमी की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि इस अवधि में ऑयल, बस पार्ट्स और इंश्योरेंस की लागत में भी भारी वृद्धि हुई है, जिससे बस ऑपरेटरों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। कई ऑपरेटरों के लिए बैंक किश्तों का भुगतान तक कठिन हो गया है।

उन्होंने कहा कि डीजल की अनुपलब्धता और किराया यथावत रहने की स्थिति बस संचालन को और अधिक प्रभावित कर रही है, क्योंकि दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं।

प्रमोद दुबे ने बताया कि पिछले 17 दिनों में ही डीजल के दामों में लगभग ₹8 से अधिक की वृद्धि हो चुकी है—जिसमें ₹3.30, ₹0.90 और ₹3.70 की अलग-अलग बढ़ोतरी शामिल है। इससे स्थिति लगातार अस्थिर हो रही है और शासन भी निर्णय प्रक्रिया में उलझन का सामना कर रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए ताकि बार-बार संशोधन की आवश्यकता न पड़े और बस संचालन व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके।

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